जा रे मेघ जा (Special For My Brother)
- Kaushalya
दूर मेरे भाई के , देश जा...
नील गगन में झूमते बादल
झूमकर मेरे भाई की गली जा
जा रे मेघ जा....
जा सन्देश दे मेरे भैया को
दूर बेठी बहना याद करे
जा रे मेघ जा....
राखी का त्योहर है आया
जा सन्देश देके आ..
जा रे मेघ जा....
पलके बिछाए पथ पर तेरे,
तेरी बहना राह तके है
जा उसको कह आ..
जा रे मेघ जा....
ख़ुशी के अवसर पर भैया,
बाँट न दिखलाना,
तुम जल्दी आजाना
जा रे मेघ जा...
दूर मेरे भैया के, देश जा
जा रे मेघ जा....
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1 comments:
જય શ્રીકૃષ્ણ કૌશલ્યાબહેન,
ખરેખર ખુબ સુંદર રચના છે. એક બહેનનું દર્દ છલકાય છે.
ડૉ.હિતેશ ચૌહાણ
http://drmanwish.wordpress.com/
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