गुरुजी को समर्पण
- Kaushalya
गुरूजी तुज़को समर्पित
मेरा सारा जीवन
गुरूजी तेरे ही हाथों
मेरे जीवन की बागडोर
अब तारे या दुबोदे ये तेरी मरज़ी
गुरूजी मैं करू न शिकवा
जिस पथ ले जाये जाऊँ रे
गुरूजी में तो हूँ तेरी गाय
जैसे चाहे रखे तू
गुरूजी तेरे ही भरोसे
जीवन नैया डाली मझधार
लगदे किनारे या करदे बेडा पार
गुरूजी एक तेरे ही सहारे
ये जीवन नैया पार हो जाये
गुरूजी तू ही मेरी दुनिया
गुरु जी तेरे ही हवाले
मेरा जीवन समर्पण
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