शनिवार, 27 जून 2009

मन का खज़ाना

मन का खज़ाना
- Kaushalya


'इन फूलो की तरह मुस्कुराते रहना हर दम....
इन फूलो के रंग जैसा ,
रंग भरना अपनी जिंदगी में गहरा...
काँटे तो अनेक आयेंगे राहों में,
पर आप मुस्कुराते रहना....इन फूलो की तरह....
फूल काँटों में रहकर भी मुस्कुराना नहीं छोड़ते ,
आप इन फूलो की खुश्बू की तरह महकते रहना....
जो सब को अपनी परिमल से , प्रसन्न चित्त करता है ...
चाहे वो इन्सान हो,या परमेश्वर, या कोई भी जीव मात्र,
ये फूलो की महेक,जैसे सब को आत्मा-तृप्त करती है ,
वैसी ही आपकी " मुस्कुराहट " हो....
फूल जैसे नाजुक और कोमल होते है ,वैसे ही आप
अपने ह्रदय की भावनाओ को " कोमल " रखना...
ताकि जो कोई भी आप से मिले
वो " आपका " हो जाये....'
*

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें