रविवार, 28 जून 2009

बदला बदला सा ये शमा ... सब कुछ है नया सा

बदला बदला सा ये शमा ... सब कुछ है नया सा
- Kaushalya
बदलाव कहाँ से आया....
कैसे आया....पता नहीं....
पर जैसा भी है....अच्छा है.
दुनिया बदली बदली सी लगती है,
खुशियाँ चारो ओर दिखती है.
ये बदलाव....आप भी देख रहे है
हम भी महसूस कर रहे है ये बदलाव
अजीब चमक सी है....
दिशाओ में ...फिज़ाओ में....
बदल रहा है सब कुछ.
बदल रहा है फूलों का रंग
सब हेरान है , ये जो महसूस हो रहा है
सोचते है...ये कैसे हुआ,
कब हुआ.....ये बदलाव....
लगता है ये ....सितारे ज़मीन पर हो,
और चारो ओर फैला उजाला
चाँद ने बिखेर दी अपनी चांदनी
आप भी बताईये क्या महसूस हुआ
ये बदलाव....
ये ज़मीं को ...नजाने क्या हो गया,
या हमारी नजर का धोका है
ये बदलाव....
*_*

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