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सोमवार, 20 जुलाई 2009

आपका आना

आपका आना
- Kaushalya
सुरमयी शाम लाती है रात का पैगाम ,
होती है हर रात की सुबह नयी,
भोर से होती है हर दिन की शुरुआतनयी,
वैसे ही....
आप आए सुबह की भोर बनके,
और मेरे जीवन की हुयी शुरुआत नयी।
(*_*)