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शनिवार, 25 जुलाई 2009

तुम्हारी याद

तुम्हारी याद
- Kaushalya
जब बात कोई निकले,
मुझे तुम याद आए
जब ज़िक्र किसिका हो, मुझे तुम याद आए
ना जाने हर बात पर, मुझे तुम याद आए
कहीं ख्वाब कोई देखा, मुझे तुम याद आए
जब सुनी कोई सरगम, मुझे तुम याद आए
शमा की हर शै पर , मुझे तुम याद आए
मौसम के हर रुख़ पर, मुझे तुम याद आए
खुशियाँ ही खुशियाँ हो जब, मुझे तुम याद आए
एहसास नया हो जब, मुझे तुम याद आए
तन्हाइयों में जब मेरी, मुझे तुम याद आए
ये आँख हुयी नम तो, मुझे तुम याद आए
आहट सी कोई आये तो, मुझे तुम याद आए
मेरी सोच की गहराई में, मुझे तुम याद आए
मेरी उलझी हुई दुनिया देख,
मुझे तुम याद आए ।
*