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सोमवार, 14 सितंबर 2009

ख्वाबों का जहाँन

ख्वाबों का जहाँन
- Kaushalya
ख्वाबों का जहाँन
किसी ने कहा सपना देखो,
उससे क्या लाभ,
....तो कहा कि....
जिन्दगी हसीन लगने लगेगी,
मन में जीने की ख्वाहिश होगी,
हर नज़ारा नया दिखेगा,
चारों तरफ खुशियाँ ही खुशियाँ होंगी,
हर कोई अपना लगेगा
किसी की तरफ एक नज़र उठाकर तो देख,
तुझे मोहब्बत ना हो जाये तो कहना,
....क्यों देखें....(?)
जब वो सच नहीं होनेवाला
क्यों जुठी तसल्ली दे अपने मन को,
जब सपना हक़ीकत से टकराता है,
उस वक़्त सपना चकना-चूर हो जाता है,
वो वास्तविकता का सामना नहीं कर सकता
उसकी हस्ती तो क्षणभंगूर मात्र है,
उसका साम्राज्य सिर्फ आँख खुलने तक ही सीमित है,
....उसके बाद....
*