Pal Bhar Ka Intazar लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Pal Bhar Ka Intazar लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 12 मार्च 2010

पल भर का 'इन्तज़ार'

पल भर का 'इन्तज़ार'
- Kaushalya

इंतज़ार करे कोई,...
ये गवारा नहीं हमे..
यूँ तो इन्तज़ार में,..
इन्तेहाँ हो जाती है,..
ख़ामोश सब्र की..
इक पल भी देर हो जाए,..
गर वक़्त के तकाज़े की..
बेचेन कर देती है,..
पल भर के लिए..
मचल उठता है जिया,..
आ जाती है ओट,..
जस्बातों के बाँध पर..
इंतज़ार की ये घडी,..
लगती है बड़ी भारी..
कैसे बचे कोई,..
इसके सितम से..
या तो कहीं,..
जाता लम्हा थम सा जाए..
या तो फिर,..
आनेवाले आ जाए..
तब होगी ख़त्म ये,..
'इन्तज़ार' की लड़ी..
*