जुदा नहीं है
- Kaushalya
जिस तरह समन्दर से उसकी लहर जुदा नहींनदी से उसका किनारा
जैसे शब्द से उसका अर्थ
फूलों से उसकी सौरभ
जैसे दिल से धड़कने
जिस तरह रस्ते से उसकी मंज़िल
प्रार्थना से दुआ जुदा नहीं
जैसे पायल से उसकी आवाज़
चूड़ियों से उसकी खनक
पहाड़ों से उसकी अचलता
बच्चो से उसकी चंचलता
जैसे मोसम से उसकी बहारें
चाँद से उसकी चांदनी की शीतल रोशनी
जिस तरह पंछियों से उनका कलरव
जिस तरह ह्रदय से उसकी कोमलता
आकाश से उसकी विशालता
जिस तरह शारीर से आत्मा
जिस तरह तारों से उसकी टीम-टीम
मन से विचार जुदा नहीं
संगीत से उसकी मधुरता
गीतों से उसकी सरगम
जिस तरह दिवानों से दिवानगी जुदा नहीं
जिस तरह परमेश्वर से उसकी करुणा
कुंदन से उसकी एहमियत जुदा नहीं
इस तरह....
आपसे हमारा प्रेम जुदा नहीं
क्योकि,..
हम बने है एक दूजे के लिए ।
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