राम के अनुरागी.. (रामनवमी)
- Kaushalya
राम मेरे मन में बसनेवाले है..मेरे हर रोम में राम समाये है..
मेरे जीवन सहारे राम है..
मेरे दर्पण और अर्चन राम है..
मेरी जिह्वा भी 'राम' नाम ही रटती है..
अनुलोम-विलोम होनेवाली साँसें भी राम है..
मेरे शक्ति और स्मरण राम है..
मेरी भक्ति और भरोसा राम है...
मेरा हर कर्म राममय है..
दीवाने है राम नाम के..
सुख-दुःख नहीं रहा अब तो..
हरख-शोक भी नहीं है..
राममय हो गया है सबकुछ..
उपवन बन गए है राम के..
नहीं रहा अब क्रोध किंचित मात्र..
हर लिया है सबकुछ राम नाम ने..
राम ने मुक्त कर दिया संसार से..
सार्थक हो गया जनम..
निर्मल हो गए निर्गुण को पाकर..
कैसे कहे महिमा राम नाम की..
अनंत है परमानन्द की गुणगाथा..
कैसे कहे अनुभव राम नाम का..
एक बार राम नाम प्रयोग कर देखें,
खुद-ब-खुद परिचित हो जायेंगे...
राम नाम है अति मंगलकारी..
'जय श्री राम'
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